
श्री बेंजामिन नेतन्याहू
केवल इज़राइल के प्रधानमंत्री ही नहीं, बल्कि विश्व राजनीति के एक सशक्त और विचारशील नेतृत्वकर्ता हैं। उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, कठोर निर्णयों, और विजनरी नेतृत्व का प्रतीक है। वे यहूदी राष्ट्र की पहचान, सुरक्षा और भविष्य को एक नई ऊँचाई पर ले जाने वाले व्यक्तित्व हैं। उनकी नीतियाँ, विचारधारा और निर्णय विश्व के अनेक राष्ट्रों के लिए मार्गदर्शक हैं।
Benjamin Netanyahu
प्रधानमंत्री श्री बेंजामिन नेतन्याहूएक दूरदर्शी राजनेता, सुरक्षा के प्रतीक और मध्य-पूर्व की राजनीति के प्रभावशाली नेतृत्वकर्ता |
श्रेणी | विवरण |
पूरा नाम | बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) |
जन्म स्थान | तेल अवीव, इज़राइल |
जन्म तिथि | 21 अक्टूबर 1949 |
पिता का नाम | बेन्ज़ियोन नेतन्याहू (प्रसिद्ध इतिहासकार) |
माता का नाम | शैला नेतन्याहू(त्ज़िला सेगल) |
वैवाहिक स्थिति | विवाहित |
जीवनसाथी का नाम | मरियम वीज़मैन (विवाह 1972; तलाक 1978) | फ्लूर कैट्स (विवाह 1981; तलाक 1988) | सारा बेन-आर्टज़ी (विवाह 1991) |
संतान | 3 बच्चे |
रिश्तेदार | नाथन माइलिकोव्स्की (दादा) | योनतन नेतन्याहू (भाई) | इद्दो नेतन्याहू (भाई) | एलिशा नेतन्याहू (चाचा) | शोशना नेतन्याहू (चाची) | नाथन नेतन्याहू (चचेरे भाई) |
ईमेल आईडी | |
टेलीफोन नंबर | 03-6109898, फ़ैक्स 02-5605000 |
सोशल मीडिया | |
व्यवसाय/पेशा | राजनीतिज्ञ, पूर्व राजनयिक, लेखक |
शैक्षणिक योग्यता |
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स्थायी पता | |
वर्तमान पता | प्रधानमंत्री कार् यालय, किर्यत बेन गुरियन, बिल्डिंग सी, यरुशलम 91950, इज़राइल फ़ोन 03-6109898, फ़ैक्स 02-5605000 (The Prime Minister's Office, Kiryat Ben Gurion, Building C, Jerusalem 91950, Israel, Tel 03-6109898, Fax 02-5605000) |
राजनीतिक दल | लिकुड पार्टी (Likud Party) |
सांसद निर्वाचन क्षेत्र | क्नेस्सेट (Knesset – इज़राइल की संसद) |
सरकारी और राजनीतिक पद |
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दौरे किए गए देश | अमेरिका, भारत, फ्रांस, जर्म नी, रूस सहित अधिकांश वैश्विक शक्तियाँ |
अन्य जानकारी | एक प्रभावशाली वक्ता, कट्टर आतंकवाद-विरोधी |
धार्मिकता और सेवा | यहूदी परंपराओं में गहरी आस्था |
खेल और क्लब | सैन्य प्रशिक्षण, शारीरिक फिटनेस |
सांस्कृतिक गतिविधियाँ | यहूदी सांस्कृतिक आयोजनों में सहभागिता |
प्रकाशित पुस्तकें |
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प्रारंभिक जीवन और शिक्षा:
बेंजामिन नेतन्याहू का जन्म 21 अक्टूबर 1949 को तेल अवीव में हुआ। उनका पालन-पोषण यरुशलम में हुआ और वे अमेरिका में भी शिक्षा के लिए रहे। उनके पिता बेन्ज़ियोन नेतन्याहू एक प्रसिद्ध यहूदी इतिहासकार थे जिनका प्रभाव उनके राजनीतिक दर्शन पर स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है।
बेंजामिन ने अमेरिका के प्रसिद्ध मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से शिक्षा ग्रहण की। वे न केवल एक कुशाग्र छात्र थे, बल्कि उन्हें अमेरिका में भी वक्तृत्व कला और नीति निर्माण में गहरी रुचि थी।
सैन्य सेवा:
बेंजामिन नेतन्याहू ने इज़राइली डिफेंस फोर्स (IDF) की विश ेष इकाई 'Sayeret Matkal' में सेवा दी। वे 1967 के युद्ध के बाद कई महत्वपूर्ण आतंकवाद विरोधी अभियानों का हिस्सा रहे। उनके बड़े भाई योनी नेतन्याहू, एंटेबे ऑपरेशन में शहीद हुए, जिससे उनका परिवार राष्ट्रवाद के एक गहरे भाव से जुड़ गया।
राजनीतिक यात्रा:
1980 के दशक में नेतन्याहू ने इज़राइल के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत के रूप में कार्य किया, जहाँ वे अमेरिका में प्रभावशाली यहूदी समुदाय और नेताओं के बीच लोकप्रिय हो गए।1996 में वे पहली बार प्रधानमंत्री बने — इज़राइल के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में।हालांकि 1999 में उन्हें पद छोड़ना पड़ा, परंतु 2009 में उन्होंने जबरदस्त वापसी की और लगातार तीन कार्यकाल तक इज़राइल का नेतृत्व किया।
2022 में एक बार फिर प्रधानमंत्री बनकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि वे इज़राइली राजनीति के अपराजेय योद्धा हैं।
सामाजिक और अंतरराष्ट्रीय कार्य:
नेतन्याहू ने इज़राइल को एक सुरक्षित, तकनीकी रूप से सक्षम और वैश्विक स्तर पर शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के लिए अनेक कार्य किए । उन्होंने भारत के साथ संबंधों को अभूतपूर्व ऊंचाई दी। वे आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक मंचों पर अपनी कट्टर नीति और स्पष्टवादिता के लिए जाने जाते हैं।
उपलब्धियाँ:
इज़राइल के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री
सुरक्षा नीति में कड़ा रुख और आयरन डोम मिसाइल सुरक्षा प्रणाली का निर्माण
इज़राइली अर्थव्यवस्था को वैश्विक बाज़ार में प्रतिस्पर्धी बनाया
अब्राहम समझौते (Abraham Accords) के माध्यम से अरब देशों के साथ ऐतिहासिक राजनयिक संबंध स्थापित किए
भारत-इज़राइल साझेदारी को रणनीतिक और तकनीकी स्तर पर ऊंचा किया
बेंजामिन नेतन्याहू केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि इज़राइल राष्ट्र की दृढ़ता, अस्तित्व और अस्मिता के प्रतीक बन चुके हैं। उनका जीवन साहस, विचारशील नेतृत्व और निर्भीकता की मिसाल है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि छोटे राष्ट्र भी वैश्विक मंचों पर बड़ी आवाज़ बन सकते हैं, यदि नेतृत्व में दृष्टि, आत्मबल और रणनीति हो। वे युवा नेताओं के लिए प्रेरणा हैं कि कैसे व्यक्तिगत और पारिवारिक पीड़ा को राष्ट्रीय सेवा में बदला जा सकता है।
