
श्री राहुल रसगोत्रा
श्री राहुल रसगोत्रा भारतीय पुलिस सेवा (1989 बैच, मणिपुर काडर) के वरिष्ठ अधिकारी हैं, जो वर्तमान में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में शिक्षा प्राप्त की है और राष्ट्रीय सुरक्षा, खुफिया तंत्र तथा आतंकरोधी समन्वय में तीन दशकों से अधिक का गहन अनुभव रखते हैं। जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, इस्लामाबाद और वाशिंगटन जैसे महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले श्री रसगोत्रा को राष्ट्रपति पुलिस पदक सहित कई राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। ITBP प्रमुख के रूप में वे हिमालयी सीमाओं की सुरक्षा को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं।
Rahul Rasgotra
"सीमा पर संकल्प, सुरक्षा में समर्पण – श्री राहुल रसगोत्रा, भारत की निःस्वार्थ रक्षा का प्रतीक"
नाम: श्री राहुल रसगोत ्रा, महानिदेशक, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP)
सेवा: भारतीय पुलिस सेवा (IPS)
बैच: 1989
कैडर: मणिपुर
जन्म वर्ष: 1965
जन्म स्थान: मुंबई, महाराष्ट्र
राष्ट्रीयता: भारतीय
श्री राहुल रसगोत्रा का जन्म 1965 में मुंबई में हुआ। उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा में 1989 बैच के मणिपुर कैडर से प्रवेश किया। एक अनुशासित, कर्मनिष्ठ और राष्ट्रभक्त अधिकारी के रूप में श्री रसगोत्रा ने अपनी प्रशासनिक सूझबूझ और रणनीतिक क्षमता के बल पर राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र में महत्वपूर्ण स् थान अर्जित किया है।
शैक्षणिक योग्यता
बी.ए. (ऑनर्स), अर्थशास्त्र — हिंदू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय
एम.ए., अर्थशास्त्र — दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स
एम.फिल., रक्षा एवं रणनीतिक अध्ययन — नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली (2016)
श्री रसगोत्रा की शैक्षणिक पृष्ठभूमि अत्यंत सशक्त रही है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक किया और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। रणनीतिक अध्ययन में गहरी रुचि के कारण उन्होंने नेशनल डिफेंस कॉलेज से वर्ष 2016 में एम.फिल. किया। उनकी शिक्षा ने उन्हें प्रशासनिक विवेक, रणनीतिक विश्लेषण और नीति निर्माण में उत्कृष्टता प्रदान की।
प्रारंभिक एवं प्रशासनिक सेवा यात्रा
1989 में भारतीय पुलिस सेवा में नियुक्ति
विभिन्न जिलों और स्थानों पर SP, DIG, और अन्य प्रशासनिक पदों पर कार्य
राज्य और केंद्र के विभिन्न सुरक्षा संगठनों में अनुभव
आईपीएस अधिकारी बनने के बाद श्री रसगोत्रा ने भारत के विभिन्न हिस्सों में कानून व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में सराहनीय योगदान दिया। उनकी प्रशासनिक कुशलता ने उन्हें अनेक महत्त्वपूर्ण पदों पर कार्य करने का अवसर दिलाया, जहाँ उन्होंने नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया।
आसूचना ब्यूरो (IB) में सेवाएँ
जम्मू-कश्मीर एवं छत्तीसगढ़ जैसे अति-संवेदनशील क्षेत्रों में कार्य
आतंकरोधी अभियानों और खुफिया तंत्र के संचालन में गहरी विशेषज्ञता
श्री रसगोत्रा ने देश के प्रमुख खुफिया एजेंसी 'आसूचना ब्यूरो' (IB) में कई वर्षों तक सेवाएँ दीं। जम्मू-कश्मीर और छत्तीसगढ़ जैसे आतंकवाद-प्रभावित क्षेत्रों में कार्य करते हुए उन्होंने आतंकरोधी अभियानों की रणनीति, खुफिया संकलन, विश्लेषण और जोखिम प्रबंधन में उत्कृष्ट योगदान दिया। इस भूमिका ने उन्हें देश की सुरक्षा नीति के केंद्र में ला खड़ा किया।
मल्टी-एजेंसी सेंटर (MAC) का नेतृत्व
कारगिल युद्ध के पश्चात स्थापित MAC का संचालन
विभिन्न एजेंसियों के बीच आतंकरोधी समन्वय को कुशलता से संगठित किया
कारगिल संघर्ष के बाद भारत सरकार द्वारा स्थापित 'मल्टी-एजेंसी सेंटर' (MAC) का उद्देश्य था – देश की सभी खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करना। श्री रसगोत्रा ने MAC का संचालन करते हुए विभिन्न एजेंसियों को एक साझा मंच पर लाकर सूचना साझाकरण को सुदृढ़ किया और आतंकरोधी प्रयासों को अत्यधिक प्रभावशाली बनाया।
अंतरराष्ट्रीय कार्य अनुभव
विदेश मंत्रालय के अधीन इस्लामाबाद और वाशिंगटन डी.सी. में भारतीय मिशनों में कार्य
आतंकवाद विरोधी अंतरराष्ट् रीय सहयोग में सक्रिय भूमिका
श्री रसगोत्रा की सेवाएँ केवल राष्ट्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं रहीं। उन्होंने इस्लामाबाद और वाशिंगटन डी.सी. स्थित भारतीय दूतावासों में विदेश मंत्रालय के अंतर्गत प्रतिनिधि के रूप में कार्य किया। इस भूमिका में उन्होंने भारत की वैश्विक सुरक्षा रणनीति और अंतरराष्ट्रीय आतंकरोधी समन्वय में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सम्मान और पुरस्कार
राष्ट्रपति पुलिस पदक – विशिष्ट सेवा के लिए
पुलिस पदक – सराहनीय सेवा हेतु
असाधारण आसूचना कुशलता पदक – खुफिया विश्लेषण में उत्कृष्टता हेतु
श्री रसगोत्रा को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए भारत सरकार द्वारा अनेक बार सम्मानित किया गया है। उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक, पुलिस पदक और असाधारण आसूचना कुशलता पदक जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से अलंकृत किया गया है। ये पुरस्कार उनकी सेवा की निष्ठा, कार्यकुशलता और राष्ट्रभक्ति का प्रमाण हैं।
आईटीबीपी में वर्तमान भूमिका
1 जनवरी 2024 से महानिदेशक, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP)
सीमा सुरक्षा, पर्वतीय संचालन, आपदा प्रबंधन एवं प्रशिक्षण का नेतृत्व
1 जनवरी 2024 को श्री राहुल रसगोत्रा ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक का कार्यभार ग्रहण किया। इस भूमिका में वे भारत-चीन सीमा पर तैनात बलों का संचालन, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में प्रशिक्षण, नागरिक सहायता अभियान और आपदा प्रबंधन की रणनीतियाँ विकसित कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में ITBP अत्याधुनिक ब ल के रूप में सशक्त हो रहा है।
व्यक्तित्व और दृष्टिकोण
अनुशासित, नीतिपरक, और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित
रणनीतिक सोच और वैश्विक दृष्टिकोण के धनी
श्री राहुल रसगोत्रा केवल एक उच्चाधिकारी नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी रणनीतिकार हैं। उनकी सोच प्रशासनिक निर्णयों से परे जाकर राष्ट्रीय और वैश्विक सुरक्षा के आयामों को छूती है। वे आधुनिक तकनीक, खुफिया विश्लेषण और सीमा संचालन के बीच संतुलन स्थापित कर भारत की सुरक्षा नीति को नई दिशा दे रहे हैं।
श्री राहुल रसगोत्रा का जीवन समर्पण, कर्तव्यपरायणता और राष्ट्रसेवा का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने अपनी बौद्धिक क्षमता, प्रशासनिक दक्षता और रणनीतिक दूरदृष्टि से भारत की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा को सशक्त किया है। ITBP के महानिदेशक के रूप में उनका नेतृत्व भारत की सीमाओं को और अधिक सुरक्षित और अनुशासित बना रहा है।
