
लेफ्टिनेंट जनरल श्री विकास लखेड़ा
लेफ्टिनेंट जनरल श्री विकास लखेड़ा, एवीएसएम, एसएम, वर्तमान में भारत की सबसे पुरानी अर्धसैनिक बल असम राइफल्स के महानिदेशक हैं। 1990 में सेना में शामिल हुए लखेड़ा जी ने पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर में कई महत्वपूर्ण कमांड संभाली हैं। उत्कृष्ट अकादमिक, रणनीतिक दृष्टिकोण और नेतृत्व क्षमता के साथ उन्होंने सूचना युद्ध जैसे आधुनिक विषयों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्हें अनेक सैन्य सम्मान प्राप्त हैं और वे पूर्वोत्तर भारत में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध हैं।
Vikas Lakhera
"पूर्वोत्तर के प्रहरी के रूप में समर्पित नेतृत्व – ले. जनरल विकास लखेड़ा"
संक्षिप्त परिचय
लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा, एवीएसएम, एसएम, भारतीय सेना क े एक अत्यंत अनुभवी और सम्मानित अधिकारी हैं जिन्होंने 22वें महानिदेशक के रूप में असम राइफल्स की कमान संभाली— जो भारत की सबसे पुरानी अर्धसैनिक बल है और जिसे “पूर्वोत्तर का प्रहरी” कहा जाता है। अपने सैन्य जीवन के तीन दशकों में उन्होंने उत्कृष्ट नेतृत्व, रणनीतिक सूझबूझ और अदम्य समर्पण से राष्ट्र सेवा की मिसाल पेश की है।
प्रारंभिक सैन्य जीवन और कमीशनिंग
ले. जनरल लखेड़ा का सैन्य जीवन 9 जून 1990 को भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून से पास आउट होकर शुरू हुआ, जब उन्हें भारतीय सेना की 4वीं बटालियन, सिख लाइट इन्फैंट्री में कमीशन प्राप्त हुआ। प्रारंभ से ही वे एक समर्पित, अनुशासित और दूरदर्शी अधिकारी के रूप में पहचाने गए।
सेवा के प्रमुख पड़ाव और भूमिकाएँ
उन्होंने अपने सैन्य जीवन में पूर्वोत्तर भारत विशेषकर नगालैंड में असम राइफल्स के निरीक्षक जनरल के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा, वे ADGMO (Additional Director General of Military Operations) भी रह चुके हैं, जहाँ उन्होंने सूचना युद्ध (Information Warfare) जैसे आधुनिक सैन्य विषयों का संचालन किया। उनका कार्यक्षेत्र जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत में आतंकवाद-निरोध और विद्रोह-विरोधी अभियानों तक फैला हुआ है, जहाँ उन्होंने असाधारण रणनीति और मानव-केंद्रित नेतृत्व प्रस्तुत किया।
शिक्षा एवं अकादमिक उपलब्धियाँ
ले. जनरल लखेड़ा की शैक्षणिक पृष्ठभूमि अत्यंत समृद्ध रही है:
एम.एससी. – मद् रास विश्वविद्यालय
एम.ए. – किंग्स कॉलेज, लंदन
मैनेजमेंट स्टडीज़ में मास्टर्स – उस्मानिया विश्वविद्यालय
डिफेन्स सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन
हायर डिफेन्स मैनेजमेंट कोर् स, कॉलेज ऑफ डिफेन्स मैनेजमेंट, हैदराबाद
नेशनल डिफेन्स कोर्स, रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेन्स स्टडीज़, लंदन
उनकी शिक्षा उन्हें एक रणनीतिक दृष्टिकोण, वैश्विक समझ और आधुनिक सैन्य प्रशासन के साथ तैयार करती है।
सम्मान एवं अलंकरण
ले. जनरल लखेड़ा को भारतीय सेना में अपने अद्वितीय योगदान हेतु कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं:
अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM)
सेना मेडल (SM)
थलसेना प्रमुख प्रशंसा पत्र
दो सेना कमांडर प्रशंसा पत्र
ये सम्मान उनके नेतृत्व, निष्ठा और राष्ट्रसेवा में किए गए असाधारण योगदान का प्रम ाण हैं।
वर्तमान भूमिका: DG Assam Rifles
लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने लेफ्टिनेंट जनरल प्रदीप चंद्रन नायर पीवीएसएम , एवीएसएम , वाईएसएम का स्थान लेते हुए 01-08-2024 को असम राइफल्स के महानिदेशक के रूप में कार्यभार संभाला। यह पदभार न केवल उनके सैन्य जीवन का महत्वपूर्ण अध्याय है, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा और स्थायित्व की दिशा में निर्णायक कदम भी है।
वे अब म्यांमार सीमा पर घुसपैठ और तस्करी को रोकने, स्थानीय विद्रोहों को नियंत्रित करने, और पूर्वोत्तर भारत में शांति स्थापित करने के मिशन का नेतृत्व कर रहे हैं।
प्रेरणा स्त्रोत
ले. जनरल विकास लखेड़ा न केवल एक उच्च श्रेणी के सैन्य अधिकारी हैं, बल्कि वे युवा सैन्य अधिकारियों के लिए प्रेरणा के स्तंभ भी हैं। उनका जीवन सादगी, समर्पण और रणनीतिक नेतृत्व की आदर्श मिसाल है।
उनकी अगुवाई में असम राइफल्स निश ्चित ही राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा में नये कीर्तिमान स्थापित करेगी।
