भारतवर्ष के वर्तमान प्रधानमंत्री, न केवल एक कुशल प्रशासक हैं, बल्कि एक ऐसे वैश्विक नेता के रूप में उभरे हैं जो 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना को अपने हर कदम में आत्मसात किए हुए हैं। एक साधारण परिवार से निकलकर, उन्होंने असाधारण नेतृत्व का परिचय दिया है।
21वीं सदी में जब भारत आत्मनिर्भरता, तकनीक, संस्कृति और वैश्विक कूटनीति के नए युग में प्रवेश कर रहा है, तब मोदी जी उस परिवर्तनशील हिन्दुस्थान के प्रमुख सूत्रधार हैं। उनकी दूरदृष्टि, नीतिगत निर्णय, राष्ट्र के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने वाली योजनाएं और भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने की प्रतिबद्धता उन्हें एक युगद्रष्टा नेता बनाती है।
वे केवल भारत के प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि भारत की आत्मा से निकला हुआ वह स्वप्न हैं, जो आज विश्व जनसमुदाय की आशा बन चुका है।